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राजनीति की गर्मी से तपेगा जुलाई – हैमंत गौड़

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हैमंत गौड़

जयपुर : (डेस्क) देश-प्रदेश की राजनीती में जुलाई का महीना खास रहने वाला है!उसमे जुलाई का पहला पखवाड़ा अहमः रहेगा!!प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल फेरबदल निकट आ रहा है। संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से शुरू होने की भी पुख्ता जानकारी निकल कर आ रही हैं।
राजनाथसिंह की अगुवाई वाली केबिनेट संसदीय मामलों की समिति बस आजकल मे संसद के मानसून सत्र की तारीख का फैसला करनेवाली है ओर उसमे कोविड प्रोटोकॉल के तहत 19जुलाई से 13 अगस्त तक करीब 20 मीटिंग का संसद मानसून सत्र तय होने की संभावना हैं।
मानसून सत्र से पहले, लम्बे समय से प्रतिक्षारत प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल का फेरबदल होने की पूरी संभावना दिख रही है। मौजूदा समय मोदी मंत्रिमंडल मे 22 नये मंत्रियों को बनाने का स्थान रिक्त पड़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सहयोग दलो का कुनंबा बढने वाला है।उसमे मौजूदा समय एक सहयोग पार्टी की जगह अब तीन से चार और दलो को मंत्रिमंडल में जगह मिलने के आसार नजर आ रहे हैं। नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड(बिहार), अपना दल( उत्तर प्रदेश) अन्नाद्रमुक(तमिलनाडु) मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने के हालात बन रहे हैं।
दिवंगत पूर्व मंत्री रामबिलास पासवान की लोकजन शक्ति पार्टी को फिर मंत्रिमंडल में लेने की चर्चाओं का बाजार गर्म है।
लेकिन राजनीतिक जानकारों की मानें तो पासवान परिवार में पार्टी की वर्चस्वता को लेकर चल रही लड़ाई से अपने आपको दूर रखते हुवे प्रधानमंत्री बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी खुश रखने की कवायद कर सकते है।
इधर मंत्रिमंडल फेरबदल मे राजस्थान के प्रतिनिधित्व की बात करे तो नये बनने वाले मंत्रियो की चर्चा में, राजस्थान से भाजपा राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव को मंत्री बनाने की चर्चा खासी है लेकिन हालातो पर नजर डाले तो सांसद ओमप्रकाश माथुर के मंत्री बनने की संभावना ज्यादा दिखाई पड रही। प्रधानमंत्री मोदी-गृहमंत्री अमित शाह के लिये सबसे महत्वपूर्ण प्रदेश गुजरात का महासचिव भूपेन्द्र यादव को नया नया प्रदेश प्रभारी मनोनीत किया गया है।बिहार चुनाव के बाद गुजरात का प्रभार मिलते ही महासचिव भूपेन्द्र यादव ने बकायदा गुजरात के दौरे करने और प्रदेश संगठन के कामकाज को जांचने की कवायद शुरू कर दी है। मंत्री बनने की संभावना- संकेत मिलने वाले संगठन पदाधिकारी, प्रदेश प्रभार मिलते ही वहां भागदौड़ चालू नहीं करते और न ही यह संभव है कि कुछ समय बाद मंत्री बनाने वाले को प्रधानमंत्री मोदी- गृहमंत्री शाह अपने खासमखास गुजरात प्रदेश संगठन, सरकार का जिम्मा सौंपेंगे …
मौजूदा समय में गृहमंत्रीअमित शाह के भाजपा राष्ट्रीय संगठन मे सबसे पंसदीदा महामंत्री भूपेन्द्र यादव ही है, इसी नाते यादव को गुजरात मिला है। ऐसे में उन्हें संगठन छुड़वा कर सरकार में शामिल करने की कोई संभावना नजर नही आ रही।
मोदी के गुजरात मुख्यमंत्री रहते लम्बे समय तक गुजरात प्रदेश प्रभारी का दायित्व संभालने वाले राज्यसभा सांसद ओमप्रकाश माथुर को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने के अच्छे आसार नजर आ रहे हैं। बाकी और मंत्रियों की सूची मे इंतजार कर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया (मध्यप्रदेश) सुशील मोदी(बिहार) सर्वानंद सोनोवाल(असम) राहुल गांधी के चचेरे भाई वरुण गांधी(उत्तर प्रदेश) लद्दाख के तेजतर्रार यूवा सांसद जामदाग व्सेरिगं,गोपीनाथ मुंडे की पुत्री सांसद प्रीतम मुंडे(महाराष्ट्र)ब्रैजयंत पांडा(उडीसा) के नाम मंत्रिमंडल मंथन बाबत भाजपा हाईकमान की पाइपलाइन मे है।
हालांकि जुलाई माह में संसद का मानसून सत्र,केन्द्र मे मंत्रिमंडल फेरबदल ओर राजस्थान काग्रेंस मे जिलास्तरीय सरकारी महकमो की कमेटियों, संगठन में मनोनयन के समाचार www.indianews24x7.co.in ने सबसे पहले अपने पाठकों तक पहुचाये थे।
प्रदेश में जिलास्तरीय नगरीय निकायों में सरकार द्वारा पार्षदों का मनोनयन चल रहा।सरकारी विभागों की कमेटियों ओर संगठन में जिलाध्यक्ष की नियुक्तियों पर सत्ता-संगठन में मशक्कत जारी है और जुलाई माह में इसके मुकम्मल हो जाने के पूरे आसार भी नजर आ रहे हैं। काग्रेंस संगठन जिला प्रभारी अपने संबंधित जिलो के आला काग्रेंस नेताओं हारे-जीते विधानसभा-लोकसभा काग्रेंस प्रत्याशियों, निवृतमान काग्रेंस जिलाध्यक्ष से काग्रेंस जिलाध्यक्ष दावेदारों के नाम की अनुशंसा प्राप्त करने की मशक्कत कर रहे हैं। खुद काग्रेंस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तक 15 जुलाई तक इसे पुरा करने का सार्वजनिक ईलान कर चुके हैं।
अब बात राजस्थान में गहलोत सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार-फेरबदल पर करे तो काग्रेंस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने बीते दिन बुधवार को पंजाब काग्रेस मे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह-पूर्व मंत्री नवजौत सिंह सिध्दु के बीच मे चल रही खिंचताने-विवाद को सुलझाने हेतु नवजौत सिंह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी के साथ दो दफे मुलाकात- बातचीत की मशक्कत की है। पंजाब काग्रेंस के मसले का इसे हफ्ते हल होने के पुख्ता संकेत मिल रहे है।इसके बाद प्रियंका गांधी के राजस्थान में मुख्यमंत्री गहलोत-पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट मे हो रही खिचतान विवाद का हल निकालने की कवायद शुरू करने के संकेत दिए हैं। काग्रेंस के केन्द्रीय आला भरोसेमंद सूत्रों के आधार पर,प्रियंका गांधी के जून माह मे एक हफ्ते के लिए परिवार के साथ शिमला के नजदीक छुट्टियों बिताने जाने तथा इसके तुरंत बाद अपनी छोटी शल्य चिकित्सा कराने के कारण पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से प्रियंका गांधी की मुलाकात व बातचीत नहीं हो सकी थी।आलासूत्र अनुसार ,हालांकि तब भी प्रियंका गांधी राजस्थान काग्रेंस मसले ओर घट रहे घटनाक्रम की पूरी जानकारी प्राप्त कर रही थी।
ताजा जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी के इसी जुलाई माह मे राजस्थान काग्रेंस की अन्दरूनी गुटबाजी तथा काफी समय से टल रहे मंत्रिमंडल विस्तार-फेरबदल मसले पर सीधे दखल देने की संभावनाएं दिख रही है।

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